सेना- जेलों में पेपर छपाई... कैसे होता है करोड़ों का ये एग्जाम?
चीन में इस समय दुनिया की सबसे कठिन और बड़ी परीक्षा 'गाओकाओ' (Gaokao) 2026 चल रही है, जिसमें इस साल 1 करोड़ 34 लाख छात्र बैठ रहे हैं. इतनी विशाल संख्या के बावजूद वहां परिंदा भी पर नहीं मार पाता. आइए जानते हैं कि आखिर चीन का वो 'अभेद्य चक्रव्यूह' क्या है, जिससे वहां पेपर लीक होना नामुमकिन हो जाता है.
चीन में दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण और विशाल शैक्षणिक परीक्षा 'गाओकाओ' का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें इस वर्ष लगभग 1.34 करोड़ परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में छात्रों की भागीदारी के बावजूद, इस परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत अभेद्य मानी जाती है। प्रश्नपत्रों की छपाई से लेकर उनके वितरण तक की प्रक्रिया को बेहद गोपनीय रखा जाता है, जिसमें सेना और जेल प्रशासन की कड़ी निगरानी शामिल होती है। प्रशासन द्वारा अपनाई गई इस त्रि-स्तरीय सुरक्षा प्रणाली के कारण पेपर लीक होने की संभावना लगभग शून्य हो जाती है। यह परीक्षा न केवल छात्रों के भविष्य का निर्धारण करती है, बल्कि चीन की कठोर प्रशासनिक दक्षता का भी एक बड़ा उदाहरण पेश करती है।
यह परीक्षा प्रणाली चीन की शैक्षणिक अखंडता बनाए रखने के प्रयासों और अत्यधिक सुरक्षा प्रोटोकॉल के कारण वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बनी रहती है।
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