'मदरसों का सर्वे कर सकते हैं, तो मंदिरों का क्यों नहीं?', AIMIM नेता ने उठाए सवाल

📌 Diğer 📰 AajTak (HI) 🕐 2 saat önce

AIMIM के वरिष्ठ नेता वारिस पठान ने बंगाल सरकार के मदरसों के सर्वे के फैसले की आलोचना की है. उन्होंने बीजेपी पर अल्पसंख्यकों के खिलाफ नफरत फैलाने का आरोप लगाया है. वारिस पठान ने संविधान की समानता का हवाला देते हुए पूछा कि अगर मदरसों का सर्वे हो सकता है तो मंदिरों के सर्वे क्यों नहीं?

एआईएमआईएम के वरिष्ठ नेता वारिस पठान ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा मदरसों का सर्वेक्षण कराने के निर्णय पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने इस कदम को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए उन पर अल्पसंख्यकों के प्रति विद्वेष फैलाने का आरोप लगाया है। पठान ने संवैधानिक समानता के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए सरकार से तीखा सवाल किया है कि यदि मदरसों की जांच की जा सकती है, तो मंदिरों का सर्वेक्षण क्यों नहीं किया जा रहा है। उनके अनुसार, सरकारी नीतियों में इस प्रकार का भेदभाव अनुचित है और यह समान रूप से लागू होना चाहिए।

यह बयान धार्मिक संस्थानों के प्रति सरकारी दृष्टिकोण और देश में धर्मनिरपेक्षता के पालन को लेकर जारी राजनीतिक बहस को दर्शाता है।

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