चीन की दुखती रग पर होगा भारत का हाथ, INS बाज पर प्लान ड्रॉप
रक्षा मंत्रालय पर्यावरण और जनजातीय हितों के लिए INS बाज को बढ़ाने की जगह चिंगेन में नया डुअल-यूज ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाएगा. यह स्ट्रेट ऑफ मलक्का के पास चीन की घेराबंदी के लिए जरूरी है.
भारत सरकार ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में स्थित आईएनएस बाज के विस्तार की योजना को रद्द कर दिया है। रक्षा मंत्रालय ने इसके बजाय चिंगेन में एक नया आधुनिक ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा विकसित करने का निर्णय लिया है, जिसका उपयोग नागरिक और सैन्य दोनों उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। यह निर्णय मुख्य रूप से पर्यावरणीय चिंताओं और स्थानीय जनजातीय समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए लिया गया है। रणनीतिक दृष्टि से यह नया हवाई अड्डा मलक्का जलडमरूमध्य के करीब स्थित होने के कारण भारत की समुद्री सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस कदम से हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों पर नजर रखने और अपनी उपस्थिति मजबूत करने में भारत को बड़ी मदद मिलेगी।
यह परियोजना हिंद महासागर में भारत की रणनीतिक स्थिति को मजबूत करने और मलक्का जलडमरूमध्य के पास चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
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