सुप्रीम कोर्ट ने गृहिणियों पर कहा- घरेलू काम और परिवार की देखभाल की क़ीमत 30 हजार रुपये महीना होनी चाहिए
सुप्रीम कोर्ट ने यह महत्वपूर्ण आदेश एक व्यक्ति की पत्नी के रोड एक्सीडेंट में मौत हो जाने के मामले में दिया है. कोर्ट ने इसी आधार पर पीड़ित को अतिरिक्त हर्ज़ाना देने का आदेश दिया है.
सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि गृहिणियों द्वारा घर और परिवार की देखभाल के लिए किए जाने वाले कार्यों का मूल्य कम से कम 30,000 रुपये प्रति माह होना चाहिए। यह आदेश एक सड़क दुर्घटना में पत्नी की मृत्यु के मामले में दिया गया था।
कोर्ट ने इस आधार पर मृतक के पति को अतिरिक्त मुआवजा देने का निर्देश दिया है। इस फैसले से घरेलू कामों के आर्थिक मूल्य को मान्यता मिली है, जिसे अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है।
यह निर्णय घरेलू श्रमिकों के योगदान को आर्थिक रूप से मान्यता देता है और मुआवजे के मामलों में एक नया मानक स्थापित करता है।
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