क्या बागी गुट ही असली टीएमसी? ममता के साथ 'खेला'?
टीएमसी में बगावत का संकट गहराता जा रहा है। पार्टी के 19 सांसदों ने अलग गुट बनाने की पहल की है और सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात करने वाले हैं. यदि कल्याण बनर्जी और सायनी घोष समेत अन्य सांसद भी बागी खेमे में शामिल होते हैं तो उनकी संख्या दो-तिहाई से अधिक हो सकती है, जिससे लोकसभा में बागी गुट को ही असली टीएमसी मानने की मांग मजबूत हो सकती है.
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में आंतरिक कलह तीव्र हो गई है, क्योंकि पार्टी के 19 सांसदों ने एक अलग गुट बनाने का प्रस्ताव रखा है। यह समूह सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष से मिलने की योजना बना रहा है। यदि कल्याण बनर्जी और सायनी घोष जैसे प्रमुख सांसद इस बागी खेमे में शामिल हो जाते हैं, तो उनकी संख्या सदन के दो-तिहाई सदस्यों से अधिक हो सकती है। ऐसी स्थिति में, यह समूह लोकसभा में वास्तविक टीएमसी के रूप में मान्यता का दावा कर सकता है। यह घटनाक्रम पार्टी के भीतर एक बड़े राजनीतिक उलटफेर का संकेत दे रहा है।
यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल की प्रमुख क्षेत्रीय पार्टी के भीतर शक्ति संतुलन और भविष्य की दिशा को प्रभावित कर सकता है।
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