कॉमेडी शो विवाद: सेजल पवार पर एक्शन, KEM हॉस्पिटल ने जबरन छुट्टी पर भेजा
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर विवादों में घिरी केईएम मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस छात्रा सेजल पवार के खिलाफ कॉलेज प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है. प्रारंभिक जांच में वीडियो की पुष्टि होने के बाद उन्हें 15 दिनों के लिए जबरन छुट्टी पर भेज दिया गया है. इस दौरान उनके कॉलेज, अस्पताल और हॉस्टल में प्रवेश पर रोक रहेगी.
सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो को लेकर विवादों में घिरी किंग एडवर्ड मेमोरियल हॉस्पिटल और सेठ गोर्धनदास सुंदरदास मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस स्टूडेंट सेजल पवार के खिलाफ संस्थान ने कड़ी कार्रवाई की है. कॉलेज प्रशासन ने उन्हें 15 दिनों के लिए जबरन छुट्टी (Forced Leave) पर भेज दिया है. इस दौरान सेजल को केईएम अस्पताल (KEM Hospital), सेठ गोर्धनदास सुंदरदास मेडिकल कॉलेज परिसर और हॉस्टल में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी.
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि विवाद सामने आने के बाद सेजल पवार को उनके परिवार के सौंप दिया गया है. प्रशासन ने उनके माता-पिता के साथ बैठक भी की, जो इस मामले के बाद संस्थान पहुंचे थे. सूत्रों के मुताबिक, परिवार इस पूरे घटनाक्रम से काफी आहत और चिंतित है. बताया जा रहा है कि सेजल पवार ने अपने परिवार से इस मामले को लेकर माफी भी मांगी है. मामले की जांच के लिए संस्थान की ओर से पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है. समिति को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
कॉलेज प्रशासन के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह पुष्टि हुई है कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली युवती सेजल पवार ही हैं. प्रशासन का कहना है कि वीडियो में उनके द्वारा किए गए कुछ दावे प्रथम दृष्टया (Prima Facie) गलत और अस्वीकार्य पाए गए हैं. इसी आधार पर संस्थान ने उनके खिलाफ अंतरिम कार्रवाई करते हुए उन्हें 15 दिनों के लिए जबरन अवकाश पर भेजने का फैसला किया है. सेजल इन 15 दिनों तक नियमित कक्षाओं, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, कॉलेज गतिविधियों और अन्य शैक्षणिक कार्यक्रमों से भी दूर रहेंगी.
फिलहाल जांच समिति मामले की विस्तृत पड़ताल कर रही है और उसकी रिपोर्ट आने के बाद संस्थान की ओर से आगे की कार्रवाई की जा सकती है. कॉलेज प्रशासन ने इस विवाद के छात्रा के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई है. संस्थान ने उन्हें काउंसलिंग लेने की सलाह दी है, ताकि सोशल मीडिया पर हुई आलोचना और विवाद के कारण वह अवसाद या अत्यधिक मानसिक तनाव का शिकार न हों.
विवाद उस समय शुरू हुआ जब सेजल पवार कथित तौर पर प्रणीत मोरे के एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो में दर्शकों के साथ बातचीत के दौरान मेडिकल शिक्षा से जुड़े एक संवेदनशील विषय पर टिप्पणी करती दिखाई दीं. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद उनकी टिप्पणियों को लेकर तीखी आलोचना शुरू हो गई और मामला व्यापक विवाद का रूप ले गया.
इस बीच महाराष्ट्र साइबर सेल ने भी वायरल कॉमेडी वीडियो के मामले में एफआईआर दर्ज की है. यह मामला कॉमेडियन प्रणित मोरे, हिमांशु जांगरा, सेजल पवार और अन्य लोगों से जुड़ा हुआ है. महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा जारी प्रेस नोट के मुताबिक, नोडल साइबर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 75(1)(iv), 75(3), 294 और 353(2) के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया गया है.
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि संबंधित व्यक्तियों ने ऑनलाइन प
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