गेट सील और दीवार पर नोटिस... केंद्र के कब्जे में दिल्ली का जयपुर पोलो ग्राउंड

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दिल्ली के प्रतिष्ठित जयपुर पोलो ग्राउंड पर केंद्र सरकार ने कब्जा लेकर उसे सील कर दिया है. सरकार का कहना है कि 15.20 एकड़ भूमि का उपयोग बड़े सार्वजनिक हित और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े उद्देश्यों के लिए किया जाएगा. वहीं भारतीय पोलो संघ ने इस कार्रवाई को मनमाना और गैरकानूनी बताते हुए अदालत में चुनौती दी है.

केंद्र सरकार ने शनिवार को दिल्ली के रेस कोर्स इलाके में स्थित जयपुर पोलो ग्राउंड का कब्जा अपने हाथ में ले लिया है. केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के तहत भूमि एवं विकास कार्यालय (L&DO) के अधिकारियों ने शनिवार सुबह दिल्ली के प्रतिष्ठित जयपुर पोलो ग्राउंड को सील कर दिया. यह परिसर अब तक भारतीय पोलो संघ (Indian Polo Association-IPA) के प्रबंधन में था. इस पोलो ग्राउंड को जयपुर के महाराज ने दिल्ली पोलो एसोसिएशन को गिफ्ट किया गया था.

केंद्र सरकार का कहना है कि 1951 में 20 साल के लीज के बाद 1993 में लीज खत्म हो गई थी. उसके बाद से भारतीय पोलो संघ ने इस ग्राउंड पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है. केंद्र सरकार की यह कार्रवाई 20 मई को जारी किए गए बेदखली आदेश के बाद हुई है, जिसमें कहा गया था कि 15.20 एकड़ भूमि का उपयोग 'बड़े सार्वजनिक हित और जनकल्याण' के लिए किया जाएगा. हालांकि सरकार ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस भूमि का उपयोग किस विशेष उद्देश्य के लिए किया जाएगा.

केंद्र सरकार की कार्रवाई से ठीक एक दिन पहले शुक्रवार को सेशन कोर्ट ने बेदखली आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. भारतीय पोलो संघ ने सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत कब्जाधारियों की बेदखली) अधिनियम के तहत जारी बेदखली आदेश को चुनौती देते हुए उसके अमल पर रोक लगाने की मांग की थी. सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धीरेंद्र राणा ने कहा कि इसी तरह की राहत की मांग पहले भी उच्च अदालतों में की जा चुकी है और कहीं से भी राहत नहीं मिली है. अदालत ने अपने आदेश में कहा कि न्यायिक अनुशासन और प्रक्रिया का पालन करते हुए वह बेदखली आदेश के अमल पर रोक लगाने के पक्ष में नहीं है.

इससे पहले 8 जून को केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट को आश्वासन दिया था कि वह 12 जून तक किसी भी प्रकार की जबरन बेदखली की कार्रवाई नहीं करेगी. हाई कोर्ट ने अपने आदेश में इस आश्वासन को रिकॉर्ड पर लिया था और कहा था कि फिलहाल बेदखली आदेश को लागू करने की कोई तत्काल योजना नहीं है. भारतीय पोलो संघ की ओर से दायर अपील अब भी सेशन कोर्ट में लंबित है. मामले की अगली सुनवाई 17 जून 2026 को होगी.

भारतीय पोलो संघ के वकील मेजर निर्विकार सिंह (सेवानिवृत्त) ने केंद्र सरकार की कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि संघ का मानना है कि यह बेदखली आदेश गलत, मनमाना और कानून के विपरीत है. उन्होंने कहा, 'भारतीय पोलो संघ इस आदेश की समीक्षा कर रहा है और अपने अधिकारों तथा हितों की रक्षा के लिए कानून के तहत उपलब्ध सभी उचित कदम उठाएगा.

चूंकि मामला अभी अदालत में विचाराधीन है, इसलिए इस समय हम इससे अधिक टिप्पणी नहीं करना चाहते.' भारतीय पोलो संघ के अनुसार, लुटियंस दिल्ली के बीचों-बीच स्थित 15.20 एकड़ का जयपुर पोलो ग्राउंड देश में उसका प्रमुख और एकमात्र सक्रिय पोलो मैदान है. यहां वर्षों से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की पोलो प्रतियोगिताएं आयोजित होती रही हैं.

दिल्ली हाई कोर्ट ने 8 जून को सुनवाई के दौरान केंद्र को अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए भी राजधानी में घटते हरित क्षे

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