फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप: मेसी की दीवानगी जब सिर चढ़कर बोली

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फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप: मेसी की दीवानगी जब सिर चढ़कर बोली

मौजूदा चैम्पियन अर्जेंटीना की टीम इस वर्ल्ड कप का पहला मैच खेलने उतरी, तो लोगों को मेसी से काफ़ी उम्मीदें थीं. मेसी न सिर्फ़ उम्मीदों पर खरे उतरे बल्कि उन्होंने गोल की हैट्रिक लगा डाली.

फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप में ये दिन फुटबॉल के सबसे बड़े स्टार खिलाड़ियों के नाम रहा. लेकिन इतने सारे दिग्गज खिलाड़ियों के बीच भी लियोनेल मेसी सबसे ऊपर रहे.

फ्रांस के किलियन एम्बापे और नॉर्वे के एरलिंग हालांड ने विश्व कप में दो-दो गोल करके बेहतरीन शुरुआत की.

लेकिन इसके कुछ घंटों बाद फ़ुटबॉल वर्ल्ड कप का मंच एक और मैच के लिए तैयार था.

इस मैच में हमेशा की तरह मुख्य आकर्षण थे- लियोनेल मेसी. इस मैच में मेसी ने ये साबित भी कर दिया कि ये पूरी तरह मेसी का शो था.

वर्ल्ड कप में उनकी पहली हैट्रिक, वर्ल्ड कप के इतिहास में रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए 16वाँ गोल, और एक बार फिर यह साबित करना कि उम्र बढ़ने के बावजूद उनका जादू अभी ख़त्म नहीं हुआ है.

अर्जेंटीना ने अल्जीरिया को 3-0 से हराया और इस जीत के केंद्र में मेसी ही रहे. तीनों गोल मेसी के नाम रहे.

जब कैनसस सिटी में सूरज ढल रहा था, तब 38 वर्षीय मेसी छह वर्ल्ड कप खेलने वाले पहले खिलाड़ी बन गए और उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी क्रिस्टियानो रोनाल्डो को एक दिन पहले यह उपलब्धि हासिल कर पीछे छोड़ दिया.

वर्ष 2006 में जर्मनी में हुए विश्व कप में मेसी ने पहला मैच खेला था. उस समय वे 18 साल के थे.

वो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख़बरें जो दिनभर सुर्खियां बनीं.

ठीक 20 बाद बाद फुटबॉल के महानतम खिलाड़ियों में से एक मेसी ने अपने देश के लिए 200वाँ अंतरराष्ट्रीय मैच खेला और शानदार प्रदर्शन पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया.

मैच के बाद मेसी ने कहा, "अपने परिवार, अपने साथियों और उन लोगों के साथ इस पल का आनंद लेना, जो हमेशा मेरे साथ रहे हैं, बेहद ख़ूबसूरत अहसास है. हमारी टीम बहुत एकजुट और मज़बूत है. मैं अच्छा महसूस कर रहा हूँ. हमने एक कठिन मैच जीता और पहले मुक़ाबले में जीत के साथ शुरुआत करना बेहद महत्वपूर्ण था. मैं प्रशंसकों का आभारी हूँ क्योंकि उन्होंने एक बार फिर दिखा दिया कि अर्जेंटीना के लोग फुटबॉल के लिए कितने जुनूनी हैं. उन्होंने फिर से पूरा स्टेडियम भर दिया."

चौथे मिनट में वे डिफ़ेंस को चीरते हुए आगे बढ़े और अल्जीरिया के गोलकीपर लूका जिदान को छकाकर गेंद गोल में पहुँचा दी, लेकिन ऑफ़साइड के कारण गोल रद्द कर दिया गया.

इसके बावजूद दर्शकों ने ऐसा जश्न मनाया मानो अर्जेंटीना वर्ल्ड कप जीत गया हो. पत्रकार एक-दूसरे की ओर देखकर मुस्कुरा रहे थे. सबको लग रहा था कि यह तो बस शुरुआत है.

18वें मिनट में आख़िरकार वो अहम पल आया. लगभग 25 गज की दूरी से उन्होंने अपने बाएँ पैर से शानदार कर्लिंग शॉट लगाया, जो गोलपोस्ट के ऊपरी दाएँ कोने की ओर गया.

फ्रांस के महान खिलाड़ी जिनेदिन जिदान के बेटे लूका जिदान ने दोनों हाथ लगाए, लेकिन शॉट की ताक़त इतनी ज़्यादा थी कि गेंद गोल में चली गई.

कैनसस सिटी स्टेडियम अर्जेंटीना के प्रशंसकों की ख़ुशी से गूँज उठा. यह मेसी का वर्ल्ड कप में 14वाँ गोल था और एक ऐतिहासिक मैच की शुरुआत भी.

पूर्व फ़ुटबॉलर लियोन उस्मान ने कहा, "मेसी ऐसे जश्न मना रहे हैं जैसे यह उनका पहला वर्ल्ड कप गोल हो. उनकी प्रतिभा ऐसी है कि लगता ही नहीं कि उनकी उम्

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