50 डिग्री तापमान में ईरानी तेल की तस्करी करने वाले बाइक सवार
पाकिस्तान में ईरानी तेल की तस्करी करने वाले बाइक सवारों ने बीबीसी से कहा कि उन्हें चोट लगने या मौत के ख़तरे की परवाह नहीं है.
मज़ार की छोटी मोटरसाइकिल पेट्रोल से भरे प्लास्टिक के कनस्तरों से इतनी लदी हुई है कि उसके बैठने के लिए मुश्किल से जगह बची है.
उसकी पुरानी मोटरसाइकिल पर 70 लीटर क्षमता वाले तेल के पांच कंटेनर लदे हैं, जिनका कुल वज़न लगभग 272 किलोग्राम है.
तेल के कनस्तर उसकी बाइक के दोनों तरफ़ ख़तरनाक तरीक़े से लटके हुए हैं और उसे रस्सियों से बांधा गया है.
उसने यह ईंधन पाकिस्तान के सबसे बड़े और सबसे ग़रीब प्रांत बलूचिस्तान के मस्तुंग में स्थित एक खुले ईंधन बाज़ार से ख़रीदा है. मज़ार वहीं रहता है.
प्लास्टिक के कंटेनरों से लदे पिक-अप ट्रक वहां ईंधन बेचने के लिए लाए जाते हैं, जिसे ईरान से सीमा पार तस्करी कर लाया जाता है.
ईरान से पाकिस्तान में पेट्रोलियम उत्पादों की अवैध तस्करी कई दशकों से हो रही है, लेकिन ऐसे संकेत हैं कि हाल के महीनों में ईरान के ख़िलाफ़ अमेरिका-इसराइल युद्ध के कारण इसमें बढ़ोतरी हुई है.
युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से तेल की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे ईंधन की क़ीमतें बढ़ गई हैं. इसके चलते पाकिस्तान में ईरान से तस्करी कर लाए गए सस्ते पेट्रोल और डीज़ल की मांग बढ़ी है.
बलूचिस्तान के हज़ारों तस्करों की तरह मज़ार भी ईंधन को दूसरे खुले बाज़ारों और अनौपचारिक पेट्रोल पंपों तक पहुंचाते हैं. सुरक्षा कारणों हम मज़ार के असली नाम का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं.
मज़ार पाकिस्तान के सिंध प्रांत तक ईंधन पहुंचाने के लिए धरती के सबसे गर्म इलाक़ों में से एक में 350 किलोमीटर की यात्रा की तैयारी कर रहे हैं.
बलूचिस्तान में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे प्लास्टिक के ईंधन कंटेनर फूलने और नरम होने लगते हैं.
अगर सफ़र के दौरान कंटेनर फट जाएं या ढक्कन से रिसाव हो जाए, तो ईंधन में आग लगने और यहां तक कि विस्फोट होने का ख़तरा रहता है. इस तरह तस्करों की नियमित रूप से मौत होती रहती है.
वो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख़बरें जो दिनभर सुर्खियां बनीं.
दशकों से बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और आज़ादी की मांग करने वाले अलगाववादी विद्रोही समूहों के बीच संघर्ष होता रहा है. जानकारों का कहना है कि इस संघर्ष के कारण हज़ारों लोग लापता हो चुके हैं.
मज़ार ने बीबीसी वर्ल्ड सर्विस से कहा, "हम यह काम इसलिए करते हैं क्योंकि हमारे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है. मौसम बहुत गर्म है, क़ीमतें ऊंची हैं और हम दिन-रात सड़क पर रहते हैं."
तस्करी का ये कारोबार दरअसल कितना बड़ा है इसका अंदाज़ा लगाना मुश्किल है. साल 2024 में जापानी समाचार वेबसाइट निक्केई एशिया ने एक रिपोर्ट में बताया था कि पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसियों की एक लीक रिपोर्ट के अनुसार हर साल लगभग एक अरब डॉलर मूल्य का ईंधन ईरान से पाकिस्तान तस्करी कर लाया जाता है.
इस साल मई में पाकिस्तान की पांच प्रमुख तेल रिफ़ाइनरियों ने कहा कि सीमा पार पेट्रोलियम उत्पादों का प्रवाह बढ़ रहा है और सरकार को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की.
अलग से, इसी महीने पाकिस्तान के तेल उद्योग का प्रतिनिधित्व करने वाली ऑयल कंपनीज़ ए
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