मर्चेंट नेवी में काम कर रहे लाखों भारतीयों की समंदर में सुरक्षा के लिए क्या क़ानून हैं?

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मर्चेंट नेवी में काम कर रहे लाखों भारतीयों की समंदर में सुरक्षा के लिए क्या क़ानून हैं?

दुनिया भर के जहाज़ों के चालक दल में भारत की हिस्सेदारी 17 फ़ीसदी है. दुनिया के हर पाँच नाविकों में से एक भारतीय है.

जी-7 शिखर सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समुद्र में नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया.

हालांकि उन्होंने अमेरिका का सीधे तौर पर नाम नहीं लिया लेकिन उनका इशारा हाल में होर्मुज़ स्ट्रेट और ओमान के तट के नज़दीक से गुज़र रहे जहाज़ों पर अमेरिकी सेना के हमले की ओर था.

ओमान के तट पर 9 जून को कमर्शियल जहाज़ 'सेटेबेलो' पर अमेरिकी सेना के हमले में तीन भारतीयों की मौत हो गई थी.

'सेटेबेलो' के अलावा दो भारतीय जहाज़ों पर भी हमला हुआ था, लेकिन इसमें किसी की जान नहीं गई थी.

कमर्शियल जहाज़ों पर भारतीय क्रू मेंबरों पर अमेरिकी सेना के हमलों से भारत में काफ़ी नाराज़गी है.

'इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ भारतीय झंडे वाले 13 जहाज़, होर्मुज़ स्ट्रेट में लगभग 100 दिनों तक फंसे रहे. इनमें 550 से अधिक भारतीय नाविक सवार थे.

जब से खाड़ी क्षेत्र अमेरिका-इसराइल और ईरान के युद्ध के दायरे में आया है तब से18 हज़ार भारतीय नाविकों की सुरक्षा ख़तरे में पड़ गई थी.

भारत के नौवहन महानिदेशालय के मुताबिक़ देश में 7,40,000 नाविक रजिस्टर्ड हैं. इनमें से 3,23,479 सक्रिय नाविक हैं. चीन और फ़िलीपींस के बाद सबसे ज़्यादा समुद्र कर्मियों की सप्लाई भारत ही करता है.

दुनिया भर के जहाज़ों के चालक दल में भारत की हिस्सेदारी 17 फ़ीसदी है. दुनिया के हर पाँच नाविकों में से एक भारतीय है. इसलिए भारत के लिए समुद्री सुरक्षा और नाविक समेत दूसरे समुद्र कर्मियों की सुरक्षा बेहद अहम मुद्दा है.

भारत में ही 12 बड़े और दो सौ छोटे बंदरगाह हैं, जहां से हर रोज़ लाखों-करोड़ों रुपये का सामान आता-जाता है.

और इसी सेक्टर की एक ऐसी नौकरी है, जो कई नौजवानों को अपनी तरफ़ खींचती है- मर्चेंट नेवी.

दुनिया भर में जितने भी मर्चेंट मरीनर्स हैं, उनमें से सात फ़ीसदी भारतीय हैं.

एकेडमी ऑफ़ मैरीटाइम एजुकेशन एंड ट्रेनिंग के प्लेसमेंट डायरेक्टर कैप्टन चंद्रशेखर कहते हैं, "मर्चेंट नेवी वो शिपिंग सर्विस है, जो समुद्र के रास्ते माल ले जाने वाले कमर्शियल जहाज़ों से जुड़ी है. ये एक कॉस्ट सेंटर है, जो या तो मुनाफ़ा कमाता है या फिर नुक़सान उठाता है."

आइए जानते हैं समुद्र में जहाज़ों या मर्चेंट नेवी के क्रू मेंबरों, नाविकों और दूसरे कर्मचारियों की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी किसकी है. नाविकों या सीफे़रर्स की सुरक्षा से जुड़े नियम क्या हैं. समुद्री सुरक्षा का क्या मतलब है और इस बारे में अंतरराष्ट्रीय नियम क्या कहते हैं?

होर्मुज़ संकट के दौरान कुछ ऐसे जहाज़ों पर हमले हुए जिन पर भारत का झंडा तो नहीं लगा था लेकिन उनमें चालक दल या जहाज़ कर्मी भारतीय थे.

जहाज़ पर लगे झंडे ये बताते हैं कि जहाज़ किस देश में रजिस्टर्ड है. ये जहाज़ के मालिक या चालक दल की राष्ट्रीयता को नहीं बताता है.

हर कमर्शियल जहाज़ को किसी देश के झंडे के तहत रजिस्ट्रेशन कराना होता है ताकि क़ानूनी राष्ट्रीयता मिल सके.

इससे यह तय होता है कि जहाज़ को किन क़ानूनों का पालन करना होगा और जहाज़ पर मौजूद चालक दल को कौन-सी क़ानूनी सुरक्षा मिलेगी.

इंटरनेशनल मै

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