ऑटो है या अलीबाबा की गुफा? पुलिस ने रोका तो एक-एककर निकले 19 लोग

📌 Diğer 📰 India 🕐 3 saat önce

कन्नौज में ट्रैफिक पुलिस की चेकिंग के दौरान एक ऑटो से 19 सवारियां मिलने का मामला चर्चा में है. पाल चौराहे के पास रोके गए ऑटो से पहले बच्चे, फिर महिलाएं और पुरुष उतरते गए. गिनती 19 पर पहुंची तो पुलिस भी हैरान रह गई. चालक ने इसे यात्रियों की मजबूरी बताया, लेकिन पुलिस ने ऑटो सीज कर दिया. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

सड़क पर दौड़ रहा एक साधारण सा ऑटो अचानक चर्चा का विषय बन गया. वजह थी उसके अंदर बैठी सवारियां. ट्रैफिक पुलिस ने जब ऑटो को रोका तो किसी को अंदाजा नहीं था कि अगले कुछ मिनटों में ऐसा नजारा देखने को मिलेगा, जिसे देखकर पुलिसकर्मी भी मुस्कुरा उठेंगे और राहगीर भी हैरानी में पड़ जाएंगे. ऑटो से पहले कुछ लोग उतरे, फिर कुछ और. गिनती बढ़ती गई और सस्पेंस गहराता गया. आखिर में जब 19वीं सवारी बाहर निकली तो सवाल सिर्फ एक था इतने लोग आखिर फिट कहां हुए थे ?

ट्रैफिक पुलिस अपने नियमित अभियान में जुटी थी. इसी दौरान एक ऑटो सड़क पर फर्राटा भरता दिखाई दिया. दूर से ही लग रहा था कि वाहन में क्षमता से ज्यादा लोग बैठे हैं. टीएसआई आफाक खान को इसकी सूचना मिली तो उन्होंने तुरंत वाहन को रुकवा लिया. शुरुआत में उन्हें भी लगा कि 10-12 लोग होंगे. लेकिन जैसे ही यात्रियों को उतरने के लिए कहा गया, कहानी बदलने लगी. पहले आगे की सीट से लोग उतरे. फिर पीछे बैठे लोग बाहर आए. इसके बाद बच्चों की बारी आई. पुलिस गिनती करती रही और ऑटो से सवारियां निकलती रहीं.

गिनती जब 10 पर पहुंची तो राहगीरों ने रुककर देखना शुरू कर दिया. 15 हुई तो लोगों ने मोबाइल निकाल लिए. कुछ लोग वीडियो बनाने लगे तो कुछ हंसते हुए कहने लगे, अभी और निकलेंगे. हैरानी तब हुई जब गिनती 19 तक पहुंच गई. एक छोटे से ऑटो में 19 लोग! बच्चों, महिलाओं और पुरुषों को मिलाकर यह संख्या किसी मिनी बस की क्षमता जैसी लग रही थी. मौके पर मौजूद कई लोग तो ऑटो को चारों तरफ से घेरकर देखने लगे कि आखिर अंदर जगह कहां थी.

वायरल वीडियो में साफ दिखाई देता है कि ऑटो पूरी तरह भरा हुआ था. कुछ यात्री सीटों पर बैठे थे, कुछ किनारों पर सिमटे हुए थे और कुछ बच्चों को गोद में लेकर सफर कर रहे थे. सबसे दिलचस्प बात यह रही कि चालक पूरी मस्ती के साथ वाहन चला रहा था, जैसे सब कुछ सामान्य हो. स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में ओवरलोड ऑटो अक्सर दिखाई देते हैं, लेकिन इतने यात्रियों वाला ऑटो कम ही देखने को मिलता है.

जब पुलिस ने चालक से पूछा कि आखिर इतनी सवारियां क्यों बैठाईं तो उसने जवाब दिया, साहब, 15 ही सवारी हैं, बाकी बच्चे हैं. लोगों को दूसरा साधन नहीं मिल रहा था, इसलिए बैठा लिया. हालांकि यह दलील पुलिस को संतुष्ट नहीं कर सकी. अधिकारियों का कहना था कि सड़क पर नियम बच्चों और बड़ों के हिसाब से अलग-अलग नहीं चलते. दुर्घटना होने पर खतरा सभी को बराबर होता है.

पुलिस ने ऑटो को सीज कर दिया और सभी यात्रियों को दूसरे वाहनों से उनके गंतव्य तक भेजा गया. टीएसआई आफाक खान ने साफ कहा कि ओवरलोडिंग किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई होगी.

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