पुणे की हिंदू लड़की संग महाकाल मंदिर पहुंचा सरफराज, मच गया बवाल
रात के करीब दो बजे थे. उज्जैन में महाकाल की भस्म आरती में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी थी. हरसिद्धि चौराहे के आसपास भी हलचल थी. इसी बीच एक युवक चाय की दुकान पर बैठा दिखाई दिया. माथे पर त्रिपुंड, गले में रुद्राक्ष की माला और साथ में एक युवती. कुछ देर बाद उसकी पहचान को लेकर सवाल उठे और फिर घटनाक्रम ने ऐसा मोड़ लिया कि मामला थाने तक पहुंच गया.
रात के करीब दो बजे थे. महाकाल की भस्म आरती में शामिल होने के लिए लोग कतारों में लग रहे थे. हरसिद्धि चौराहे पर भी चहल-पहल थी. तभी एक युवक चाय की दुकान पर बैठा दिखाई दिया. माथे पर गाढ़ा त्रिपुंड, गले में रुद्राक्ष की माला और साथ में एक युवती. पहली नजर में वह किसी आम श्रद्धालु जैसा लग रहा था. लेकिन कुछ मिनट बाद किसी ने उसका नाम पूछा और फिर जो हुआ, उसने रातों-रात पूरे उज्जैन में चर्चा छेड़ दी.
कहानी महाराष्ट्र के पुणे जिले के पिंपरी से शुरू होती है. यहां रहने वाला सरफराज शेख अपनी एक हिंदू युवती के साथ बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन पहुंचा था. रात करीब दो बजे दोनों चलित भस्मारती के जरिए महाकाल मंदिर में जाने वाले थे, लेकिन महाकाल पहुंचने से पहले ही उनकी यात्रा विवाद में बदल गई.
देर रात सरफराज और उसकी महिला मित्र हरसिद्धि चौराहे के पास मौजूद थे. इसी दौरान कुछ लोगों की नजर युवक पर पड़ी. माथे पर त्रिपुंड और गले में रुद्राक्ष की माला देखकर वह पूरी तरह एक हिंदू श्रद्धालु जैसा दिखाई दे रहा था. लेकिन फिर किसी को उसके बारे में शक हुआ. नाम और पहचान पूछी गई. आरोप है कि शुरुआत में उसने खुद को हिंदू बताया. हालांकि बाद में उसके दस्तावेज देखे गए, जिनमें उसका नाम सरफराज शेख बताया गया.
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यहीं से कहानी ने नया मोड़ ले लिया. पहचान को लेकर चर्चा शुरू हुई तो वहां हिंदूवादी संगठनों और बजरंग दल के कार्यकर्ता भी पहुंच गए. युवक से सवाल-जवाब होने लगे. माहौल गरमाता गया और फिर बहस हाथापाई तक पहुंच गई.
इस मामले से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दिखाई देता है कि युवक को घेरकर उससे पूछताछ की जा रही है. कुछ लोग उस पर अपनी पहचान छिपाने का आरोप लगा रहे हैं. इसी दौरान उसके साथ मारपीट भी की गई. वीडियो में सरफराज खुद को छोड़ देने की गुहार लगाता दिखाई देता है, लेकिन वहां मौजूद लोग लगातार उससे सवाल पूछते रहते हैं.
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो वायरल होते ही बहस शुरू हो गई. एक पक्ष का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति गलत पहचान बताकर धार्मिक स्थल में एंट्री करने की कोशिश कर रहा था तो इसकी जांच होनी चाहिए. वहीं दूसरा पक्ष सवाल उठा रहा है कि अगर किसी पर शक था तो पुलिस को सूचना दी जानी चाहिए थी, न कि कानून हाथ में लिया जाना चाहिए था.
मारपीट के बाद युवक को पुलिस के हवाले कर दिया गया. महाकाल थाना पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है. थाना प्रभारी गगन बादल के मुताबिक, पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है. वायरल वीडियो, मौके पर मौजूद लोगों के बयान और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर तथ्य जुटाए जा रहे हैं. जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.
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