मौत की खबर आने पर भी नहीं रुकता शूट, क्यों बोले राख सीरीज फेम आकाश?
प्राइम वीडियो पर हाल ही में रिलीज हुई 'राख' पहले नंबर पर ट्रेंड कर रही है. 'राख' में बाबू का किरदार आकाश मखीजा ने निभाया है. एक इंटरव्यू में उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के डार्क सीक्रेट को बताया.
अमेजन प्राइम वीडियो पर हाल ही में रिलीज हुई सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म 'राख' दर्शकों के बीच काफी पसंद की जा रही है और इस वक्त पहले नंबर पर ट्रेंड कर रही है. इस फिल्म में 'बाबू' का एक बेहद चुनौतीपूर्ण किरदार निभाने वाले एक्टर आकाश मखीजा अपनी दमदार एक्टिंग को लेकर खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं. लेकिन पर्दे पर सबको अपनी एक्टिंग से चौंकाने वाले आकाश ने इंडस्ट्री के डार्क सीक्रेट का खुलासा किया है.
उन्होंने बताया कि बाहर से बेहद ग्लैमरस दिखने वाली इस चकाचौंध भरी दुनिया के पीछे कितनी बेरहमी छिपी होती है और कैसे एक कलाकार को अपने पर्सनल दुखों को भुलाकर कैमरे के सामने मुस्कुराना पड़ता है.
दादाजी के निधन के बाद भी करना पड़ा शूट ankitchauhan_official से बात करते हुए आकाश मखीजा ने अपने करियर के सबसे दर्दनाक दौर को याद करते हुए बताया कि एक बार जब वह किसी प्रोजेक्ट की शूटिंग कर रहे थे, तभी अचानक उनके दादाजी का निधन हो गया. उन्होंने कहा, 'मैं उस वक्त सेट पर मौजूद था जब मुझे यह दुखद खबर मिली. मैंने तुरंत टीम को बताया कि मेरे दादाजी अब इस दुनिया में नहीं रहे और मुझे तुरंत घर जाना है.' लेकिन टीम की तरफ से जो जवाब मिला, उसने उन्हें अंदर से झकझोर कर रख दिया. मेकर्स ने उनसे कहा, 'सर, आधा शूट तो हो चुका है. आज का बस एक आखिरी सीन बाकी है, क्या आप उसे पूरा करके जा सकते हैं?'
एक्टर ने इंडस्ट्री के सबसे बड़े और कड़े नियम 'शो मस्ट गो ऑन' का जिक्र करते हुए इसे इस फील्ड का सबसे डार्क साइड बताया. आकाश ने कहा, 'उस वक्त मुझे बेहद बुरा महसूस हुआ. आप एक ऐसी फील्ड में काम कर रहे होते हैं जहां पूरी की पूरी क्रू और सैकड़ों लोग शामिल होते हैं. आपकी पर्सनल लाइफ में चाहे जो कुछ भी घटित हो गया हो, आप सब कुछ छोड़कर अचानक वहां से नहीं भाग सकते. यह इस चकाचौंध भरी दुनिया का एक ऐसा कड़वा सच है जिसके सामने हर कलाकार बेबस हो जाता है.'
सेहत खराब होने पर भी नहीं मिलता कोई विकल्प आकाश मखीजा ने आगे बात करते हुए कहा कि एक्टिंग एक ऐसा प्रोफेशन है जहां रिप्लेसमेंट या छुट्टी इतनी आसान नहीं होती. उन्होंने कहा, 'आप सेट पर जाकर यह नहीं कह सकते कि आज मेरी तबीयत खराब है, तो आज मेरी जगह किसी और से काम करवा लीजिए. आपके एक इंसान के रुकने से पूरी फिल्म और सैकड़ों लोगों का काम ठप पड़ जाता है. ऐसे में खुद एक्टर को भी अंदर से लगने लगता है कि जो भी हुआ सो हुआ, पहले मैं अपना काम खत्म कर लेता हूं.'
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