गरुड़ास्त्र मोर्टार सिस्टम का सफल टेस्ट, भागते नजर आएंगे दुश्मन

📌 Diğer 📰 India 🕐 3 saat önce

Nibe Limited ने अपना एडवांस्ड गरुड़ास्त्र व्हीकल माउंटेड मोर्टार सिस्टम का सफल प्रदर्शन किया. यह सिस्टम शूट-एंड-स्कूट, MRSI और GPS-लेजर गाइडेड मुनिशन से लैस है, जो भारतीय सेना को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

रक्षा कंपनी Nibe Limited ने इन्फैंट्री स्कूल महू में अपने एडवांस्ड गरुड़ास्त्र 120mm व्हीकल माउंटेड मोर्टार सिस्टम का सफल प्रदर्शन किया. यह सिस्टम भारतीय सेना की आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है. गरुड़ास्त्र मोर्टार सिस्टम को खासतौर पर भारतीय सैनिकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है. यह एक वाहन पर लगाया जाने वाला 120mm का भारी मोर्टार है, जो तेजी से आगे बढ़कर हमला करने और तुरंत दूसरी जगह पर जाने की क्षमता रखता है.

गरुड़ास्त्र को वाहन पर माउंट किया जाता है, जिससे यह काफी मोबाइल और तेज होता है. पारंपरिक मोर्टार सिस्टम की तुलना में यह ज्यादा सटीक, ज्यादा तेज और ज्यादा सुरक्षित है. कंपनी ने इसे विदेशी मूल उपकरण निर्माता के साथ मिलकर बनाया है, लेकिन इसमें भारतीय तकनीक और जरूरतों को प्राथमिकता दी गई है.

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इस प्रदर्शन में गरुड़ास्त्र की कई महत्वपूर्ण क्षमताओं को दिखाया गया...

ये सभी विशेषताएं आधुनिक युद्ध में बहुत उपयोगी साबित होंगी, जहां तेज गति, सटीकता और सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होती है.

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महू स्थित इन्फैंट्री स्कूल में हुए इस ट्रायल में भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने गरुड़ास्त्र का परीक्षण देखा. कंपनी के अनुसार, ट्रायल पूरी तरह सफल रहा. सिस्टम की गतिशीलता, फायरिंग की गति और सटीकता सभी को प्रभावित करने वाली रही.

आज के युद्ध में मोर्टार सिस्टम पैदल सेना के लिए बहुत महत्वपूर्ण हथियार है. यह पहाड़ी इलाकों, रेगिस्तान या जंगलों में दुश्मन के छिपे ठिकानों पर हमला करने में सक्षम होता है. गरुड़ास्त्र पारंपरिक मोर्टार से बेहतर है क्योंकि...

गरुड़ास्त्र का सफल प्रदर्शन भारतीय रक्षा क्षेत्र के लिए अच्छी खबर है. यह दिखाता है कि भारतीय कंपनियां अब विश्व स्तर के हथियार और सिस्टम विकसित करने में सक्षम हैं. अगर यह सिस्टम भारतीय सेना में शामिल होता है तो पैदल सेना की मारक क्षमता काफी बढ़ जाएगी.

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