पुतिन ने क्यों कहा, अमेरिका भारत पर बेकार दबाव बना रहा
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत पर अमेरिकी दबाव का अभी तक कोई दुष्परिणाम सामने नहीं आया है और भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी बनी हुई है.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि अमेरिका के साथ भारत की बढ़ती साझेदारी मॉस्को के साथ उसके लंबे समय से चले आ रहे रिश्तों को कमज़ोर नहीं कर सकती. साथ ही उन्होंने पाकिस्तान के बारे में कहा कि उन्हें नहीं लगता कि वो चीन के नियंत्रण में है.
उन्होंने कहा कि रूस के साथ संबंधों को लेकर भारत पर दबाव डालने की कोशिशें 'बेकार' हैं और उनसे दोनों देशों के रिश्तों की दिशा बदलने की संभावना नहीं है.
पुतिन का ये बयान ऐसे समय आया है जब इसी साल 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में हो रही ब्रिक्स की बैठक में शामिल होने के लिए पुतिन भारत दौरे पर आने वाले हैं.
उधर, भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर नए दौर की वार्ता हो रही है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को व्यापार समझौते के जल्द पूरा होने की उम्मीद जताई है.
गुरुवार को राष्ट्रपति पुतिन ने सेंट पीटर्सबर्ग में पीटीआई समेत ग्लोबल न्यूज़ एजेंसियों के पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भारत, रूस का एक भरोसेमंद पार्टनर है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, राष्ट्रपति पुतिन ने भारत-रूस के संबंधों में दख़ल देने के लिए पश्चिम की कोशिशों को लेकर चेतावनी भी दी.
उन्होंने कहा, "रूस के साथ रिश्तों की गर्माहट को कम करने के लिए भारत पर दबाव डालने की पश्चिमी कोशिशें बेकार हैं और वैश्विक स्थिरता को नुक़सान पहुंचाने वाली हैं."
वो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख़बरें जो दिनभर सुर्खियां बनीं.
भारत के साथ रूस के संबंधों को राष्ट्रपति पुतिन ने 'दशकों पुराना' और एक 'विशेष रणनीतिक साझेदारी' वाला रिश्ता बताया.
उन्होंने कहा, "हमारे बीच एक विशेष रणनीतिक साझेदारी है. यह ऐसा रिश्ता है जिस पर हम दशकों से काम कर रहे हैं. 1947 में, जब सोवियत संघ ने भारत के साथ कूटनीतिक संबंध स्थापित किए थे, तब से हम एक नए स्वतंत्र राष्ट्र की स्थापना में हरसंभव सहयोग करते रहे हैं."
उन्होंने कहा, "भारतीय लोगों की मेहनत और प्रतिभा की बदौलत भारत ने अपने विकास में बड़ी और महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं. भारत दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, ऊंची आर्थिक विकास दर इसका सबूत है."
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा, "भारत ने यह विकास दर उन रणनीतियों को लागू करते हुए हासिल की है, जिन्हें भारत सरकार के प्रमुख के रूप में मोदी ने तैयार किया और लागू किया है."
पुतिन ने आने वाले सालों में दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाने की उम्मीद जताई.
उन्होंने ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा के साथ-साथ भारत में निवेश की नई परियोजनाओं को लेकर भी सकारात्मक उम्मीद ज़ाहिर की.
उन्होंने कहा, "भारत फ़ार्मास्युटिकल उद्योग में बहुत सक्रिय है और हमारे आर्थिक संचालक कई दिलचस्प परियोजनाएं प्रस्तावित करने के लिए तैयार हैं. हम पहले ही दीर्घकालिक योजनाओं की रूपरेखा तैयार कर चुके हैं."
रूसी राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि भारत पर दबाव डालने की अमेरिका की कोशिशों का रूस-भारत संबंधों पर बहुत कम असर पड़ा है.
एक पत्रकार ने पूछ
📌 Kaynak
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