उत्तर प्रदेश: एक इंटर कॉलेज में बच्ची का एडमिशन कराने के लिए टॉयलेट सीट लेकर क्यों पहुंचे अभिभावक?

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उत्तर प्रदेश: एक इंटर कॉलेज में बच्ची का एडमिशन कराने के लिए टॉयलेट सीट लेकर क्यों पहुंचे अभिभावक?

बस्ती ज़िले के एक सहायता प्राप्त इंटर कॉलेज पर छात्राओं को प्रवेश देने से इनकार करने का आरोप लगा है. आरोप है कि कॉलेज में छात्राओं के लिए शौचालय नहीं है. यह मामला तब चर्चा में आया, जब एक अभिभावक छात्रा का प्रवेश कराने कॉलेज पहुंचे. वे साइकिल पर टॉयलेट सीट लेकर गए थे, ताकि उसे कॉलेज को उपहार में दे सकें.

उत्तर प्रदेश के बस्ती ज़िले के सहायता प्राप्त झिनकू लाल त्रिवेनी राम चौधरी इंटर कॉलेज पर छात्राओं के लिए शौचालय न होने के नाम पर प्रवेश दिए जाने से इनकार के आरोप लगे हैं.

यह मामला तब चर्चा में आया जब एक छात्रा के अभिभावक उसे एडमिशन दिलाने के लिए साइकिल पर टॉयलेट सीट लेकर कॉलेज पहुंच गए थे.

झिनकू लाल त्रिवेनी राम चौधरी इंटर कॉलेज में छठी कक्षा से 12वीं तक की पढ़ाई होती है.

कॉलेज प्रशासन ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से बातचीत में ये स्वीकार किया है कि छात्राओं के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था नहीं है.

बीबीसी हिन्दी की टीम जब 22 अप्रैल को कलवारी क्षेत्र के झिनकू लाल त्रिवेनी राम चौधरी इंटर कॉलेज पहुंची, तो पाया कि कॉलेज में पढ़ने वाले लगभग एक हज़ार छात्र थे लेकिन एक भी छात्रा नहीं.

झिनकू लाल त्रिवेनी इंटर कॉलेज सरकारी रिकॉर्ड में को-एजुकेशन संस्थान के रूप में दर्ज है, जहां लड़के और लड़कियों को एक साथ शिक्षा देने का प्रावधान है.

इस इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य एआर चौधरी ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया, "विद्यालय में बच्चियों का प्रवेश होता रहा है. मैं यहीं का छात्र रहा हूँ, मेरे साथ भी लड़कियां पढ़ी हैं. साल 2017 के बाद परीक्षा केंद्र नहीं बना, सामने बाउंड्री वॉल नहीं थी और अन्य मूलभूत सुविधाएं नहीं थी, इसलिए धीरे-धीरे बच्चियों की संख्या घटती चली गयी. कोई अभिभावक अपनी लड़कियों का प्रवेश कराने यहां नहीं आता है. नतीजा हुआ कि कॉलेज में सत्र 2020-21 में बालिकाओं की संख्या शून्य हो गई."

हालांकि, स्थानीय निवासी और अभिभावक कॉलेज प्रशासन पर जानबूझकर लड़कियों को प्रवेश न देकर प्रबंधक अमित चौधरी के निजी इंटर कॉलेज को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाते हैं.

वीडियो वायरल होने के बाद इंटर कॉलेज में लड़कियों को प्रवेश दिया जाने लगा.

ख़बर लिखे जाने तक प्रधानाचार्य के अनुसार नए सत्र के लिए कुल पंद्रह छात्राओं का प्रवेश हो चुका था. इनमें से कक्षा ग्यारह में सात, कक्षा बारह में छह छात्राओं को प्रवेश दिया गया है. प्रधानाचार्य के अनुसार, कुछ छात्राओं ने प्रवेश फॉर्म जमा किया है लेकिन डॉक्युमेंट्स कम्प्लीट नहीं हैं.

जिला विद्यालय निरीक्षक संजय सिंह ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया, "कॉलेज में एडमिशन शुरू हो गया है. लगभग पंद्रह छात्राओं का एडमिशन हो गया है. शौचालय की समस्या को दूर कर दिया गया है. कॉलेज में जो पुराने शौचालय थे उसे ही दुरुस्त करा दिया गया है."

झिनकू लाल त्रिवेनी राम चौधरी इंटर कॉलेज, कलवारी एक एडेड या सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थान है. इस कॉलेज की शुरुआत साल 1951 में हुई थी.

कॉलेज में वर्तमान में छह लेक्चरर, तेईस एलटी ग्रेड शिक्षक और लगभग छह गैर-शिक्षण कर्मचारी मौजूद हैं. इनमें एक महिला एलटी ग्रेड शिक्षिका भी शामिल हैं.

हमारी मुलाकात पकड़ी छब्बर की रहने वाली छात्रा प्रतीक्षा से हुई. प्रतीक्षा ग्यारहवीं पास करके झिनकू लाल इंटर कॉलेज में बारहवीं क्लास में प्रवेश लेना चाहती हैं, लेकिन अभी तक उन्हें प्रवेश नहीं मिल सका है.

प्रतीक्षा ने बताया, "मैं गरीब परिवार से हूँ. मेरे घर

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