एआई से जुड़े वे कोर्स, जो एक अच्छा करियर और सैलरी दे सकते हैं

📌 Diğer 📰 BBC Hindi 🕐 23.02.2026
एआई से जुड़े वे कोर्स, जो एक अच्छा करियर और सैलरी दे सकते हैं

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई इंसानों की नौकरी ले लेगा ये सोचकर सब घबराए हुए हैं लेकिन एक्सपर्ट्स ऐसे कुछ कोर्स बताते हैं, जो एआई से जुड़े हैं और जिनसे करियर सुरक्षित किया जा सकता है.

ऑफिस हो, घर हो या फिर दोस्तों की बैठक, इन दिनों एक सवाल सभी के दिमाग़ में घूम रहा है. एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या हमारी नौकरियां ले सकता है?

और ये चिंता सिर्फ एंट्री लेवल कर्मचारियों की नहीं, बल्कि ऊंचे पदों पर बैठे सीनियर लोगों को भी परेशान कर रही है.

सवाल ये कि अगर एआई हमारे काम तेज़ी से और कम लागत में कर सकता है तो इंसानों और उनकी नौकरियों का क्या होगा?

इस सवाल का स्पष्ट जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है. लेकिन इतना तय है कि एआई अब भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान है.

मोबाइल फोन से लेकर बैंकिंग सिस्टम, ऑनलाइन शॉपिंग, सोशल मीडिया और हेल्थकेयर तक हर जगह एआई काम कर रहा है.

विशेषज्ञों का कहना है कि एआई सिर्फ़ नौकरियां खत्म नहीं करेगा, बल्कि नई नौकरियां भी पैदा करेगा.

जनवरी 2026 में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की एक रिपोर्ट के मुताबिक एआई के कारण दुनियाभर में लाखों नई नौकरियां बनी हैं.

12वीं पास करने के बाद अगर कोई एआई फ़ील्ड में करियर बनाना चाहे तो शुरुआत सही कोर्स चुनने से होती है.

करियर कनेक्ट में आज हम ऐसे टॉप पांच एआई कोर्स बताएंगे, जो मज़बूत करियर और अच्छी सैलरी की दिशा में पहुंचा सकते हैं.

वो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख़बरें जो दिनभर सुर्खियां बनीं.

आपको ये सोचकर कभी हैरानी हुई है कि आपका फ़ोन कैसे आपके चेहरे को पहचानता है, कोई स्ट्रीमिंग सर्विस ये कैसे समझ लेती है कि आपको कौन सी फ़िल्म पसंद आएगी या फिर कोई कार ड्राइवर के बिना कैसे चल सकती है? इन सभी सवालों का जवाब है आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस यानी एआई.

शिव नाडर यूनिवर्सिटी में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट के हेड प्रोफ़ेसर आकाश सिन्हा एआई को आसान भाषा में समझाते हुए कहते हैं, "आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आप ऐसे समझिए कि मशीन या कंप्यूटर की ऐसी क्षमता, जिससे ऐसा लगे कि वो इंसानों की तरह ही सोचने-समझने के काबिल है."

वह कहते हैं रोज़मर्रा की लाइफ़ में देखें तो आप जहां भी कंप्यूटर-मोबाइल इस्तेमाल कर रहे हैं, उसके पीछे आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस काम कर रहा है.

वह कहते हैं, "जब आप यूट्यूब खोलते हैं तो आपको कौन सा वीडियो दिखाया जाएगा, यह कोई व्यक्ति बैठकर तय नहीं करता. इसके पीछे एआई एल्गोरिदम काम करता है. फेसबुक पर कौन सा पोस्ट दिखेगा, कौन सा विज्ञापन आएगा, या बैंकिंग लेनदेन में धोखाधड़ी कहां हो सकती है, इन सबका विश्लेषण एआई करता है."

समय के साथ एआई सिस्टम लगातार सीखते और बेहतर होते जाते हैं, ठीक वैसे ही जैसे इंसान अनुभव से सीखते हैं, वो भी सीख रहे हैं. यही वजह है कि इसे कई नौकरियों के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है.

दिल्ली में टेक पॉलिसी फ़ोकस्ड थिंकटैंक इसिया सेंटर की डायरेक्टर और जानी-मानी एआई एक्सपर्ट मेघना बल कहती हैं, ''एआई उन लोगों के लिए ख़तरा नहीं है, जो खुद को अपडेट रखते हैं. बल्कि यह उनके लिए मौका है, जो टेक्नोलॉजी को समझकर उसके साथ काम करना सीख लेते हैं.''

मेघना बल कहती हैं कि कुछ बेसिक लेवल कोर्स तो सभी को करने चाहिए. कई कोर्स तो सरकार के 'SWAYAM' पोर्टल के ज़रिए फ्री में भी किए जा स

📌 Kaynak

Bu özet BBC Hindi kaynağından otomatik derlenmiştir. Tamamı için orijinal habere gidin.

Orijinal haberi oku →
← Tüm haberlere dön