ईरान से तनाव के बीच ट्रंप ने अपने सहयोगी देश ओमान को उड़ाने की धमकी क्यों दी
ओमान अमेरिका का क़रीबी सहयोगी है. ओमान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिकों को पहुँच भी हासिल है लेकिन ट्रंप ने अब ओमान को उड़ाने की धमकी दी है. ओमान को लेकर ट्रंप अचानक ऐसी आक्रामकता क्यों दिखा रहे हैं?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उस कथित प्रस्ताव को ख़ारिज कर दिया है, जिसमें ओमान और ईरान मिलकर होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रने वाले जहाजों पर टोल वसूलने की योजना पर चर्चा कर रहे थे.
व्हाइट हाउस में बुधवार को कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, "ओमान को बाक़ियों की तरह व्यवहार करना होगा, नहीं तो हमें उन्हें तबाह कर देना पड़ेगा. (अगर) वे यह समझते हैं तो यह उनके लिए ठीक रहेगा."
दरअसल, ब्लूमबर्ग ने सबसे पहले 21 मई को ख़बर दी थी कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रने वाले जहाजों पर टोल लगाने को लेकर ओमान के साथ बातचीत कर रहा है.
बाद में न्यूयॉर्क टाइम्स ने वार्ता से परिचित दो सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी थी कि चर्चा होर्मुज से गुज़रने पर सीधे टोल टैक्स लगाने की नहीं थी बल्कि जहाजों से सेवाओं के बदले शुल्क लेने के प्रस्ताव पर थी.
कहा जा रहा है कि ट्रंप की टिप्पणियों ने क्षेत्रीय पर्यवेक्षकों को चौंका दिया है क्योंकि ओमान लंबे समय से अमेरिका के सबसे क़रीबी अरब खाड़ी सहयोगियों में माना जाता रहा है.
दोनों देशों के बीच दशकों पुराने रक्षा सहयोग समझौते हैं, जिनके तहत अमेरिकी सेना को ओमान के बंदरगाहों और एयरबेस तक पहुँच हासिल है, जो खाड़ी और हिंद महासागर क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं.
ओमान और अमेरिका के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (मुक्त व्यापार समझौता) भी है.
ओमान लंबे समय से अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है. 2015 के परमाणु समझौते से पहले हुई गुप्त बैक-चैनल वार्ताओं को आगे बढ़ाने में भी उसकी अहम भूमिका थी.
28 फ़रवरी को अमेरिका और इसराइल की ओर से ईरान के ख़िलाफ़ सैन्य अभियान शुरू करने से पहले भी ओमान दोनों पक्षों के बीच अप्रत्यक्ष वार्ताओं की मेज़बानी कर रहा था.
फ़रवरी की शुरुआत में ट्रंप के मध्य पूर्व दूत स्टीव विटकॉफ और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची मस्कट में परमाणु वार्ताओं के लिए मिले थे, लेकिन वे बातचीत आख़िरकार नाकाम रही थी.
मस्कट ने ईरान के साथ अपने संबंध बनाए रखे हैं और क्षेत्रीय विवादों में ख़ुद को एक मध्यस्थ के रूप में स्थापित करने की कोशिश की है.
बुधवार को ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान के साथ भविष्य का कोई भी समझौता सऊदी अरब और अन्य मुस्लिम-बहुल देशों के इसराइल के साथ संबंध सामान्य करने से भी जुड़ा हो सकता है.
ट्रंप ने कहा, "अगर वे हस्ताक्षर नहीं करते, तो मुझे नहीं लगता कि हमें यह समझौता करना चाहिए."
हालांकि पिछले हफ़्ते ट्रंप ने कहा था कि मध्य-पूर्व युद्ध समाप्त करने का समझौता क़रीब है, लेकिन बुधवार को उन्होंने संकेत दिया कि उन्हें अब किसी समझौते को अंतिम रूप देने की कोई जल्दबाज़ी नहीं है.
वो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख़बरें जो दिनभर सुर्खियां बनीं.
ओमान आम तौर पर क़तर, सऊदी अरब और यूएई जैसे खाड़ी देशों की तुलना में अधिक शांत और पर्दे के पीछे की भूमिका निभाता रहा है.
लेकिन ईरान पर हमले से ठीक पहले ओमान के विदेश मंत्री सैय्यद बद्र बिन हमद अलबुसैदी ने सीबीएस न्यूज़ पर सार
📌 Kaynak
Bu özet BBC Hindi kaynağından otomatik derlenmiştir. Tamamı için orijinal habere gidin.
Orijinal haberi oku →