शहबाज़ शरीफ़ के बदले ट्रंप फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को इतनी तवज्जो क्यों दे रहे हैं?

📌 Diğer 📰 BBC Hindi 🕐 26.05.2026
शहबाज़ शरीफ़ के बदले ट्रंप फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को इतनी तवज्जो क्यों दे रहे हैं?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई मौक़ों पर पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की तारीफ़ कर चुके हैं. लेकिन ये सब हुआ कैसे? आसिम मुनीर ईरान और अमेरिका दोनों के लिए कैसे भरोसेमंद बने?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान के फील्ड मार्शल जनरल आसिम मुनीर की कई मौक़ों पर तारीफ़ कर चुके हैं.

पाकिस्तान के ख़िलाफ़ भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद ट्रंप ने पाकिस्तानी फील्ड मार्शल को कई मौक़ों पर एक महान फाइटर, अहम शख़्सियत और असाधारण इंसान कहा था.

जून 2025 में व्हाइट हाउस में पाकिस्तानी फील्ड मार्शल से पहली मुलाक़ात के बाद ट्रंप ने कहा था कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख से मिलना उनके लिए गर्व की बात है.

सबसे अहम वाक़या पिछले साल अक्तूबर का है. तब ट्रंप मिस्र के शर्म अल-शेख में शांति सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. यह सम्मेलन ग़ज़ा में इसराइल और हमास के बीच हुए युद्धविराम समझौते के बाद आयोजित किया गया था.

युद्धविराम की कोशिशों में सहयोग के लिए विश्व नेताओं का धन्यवाद करते हुए ट्रंप ने अपने पीछे खड़े पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ का ज़िक्र किया लेकिन इसके तुरंत बाद असीम मुनीर की ओर इशारा करते हुए उन्हें 'मेरे पसंदीदा फील्ड मार्शल' कहा था.

लेकिन बात केवल तारीफ़ तक ही सीमित नहीं है. ट्रंप अहम मौक़ों पर ज़्यादा तवज्जो भी जनरल आसिम मुनीर को ही दे रहे हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कई मुस्लिम-बहुल देशों से अब्राहम एकॉर्ड्स में शामिल होने की अपील की. ट्रंप ने कहा है कि जो देश इसमें शामिल नहीं होंगे, वे इस शांति प्रक्रिया के हिस्सा नहीं रहेंगे.

ट्रंप ने शनिवार को फोन पर एक साथ सऊदी, यूएई, क़तर, बहरीन, तुर्की, जॉर्डन और पाकिस्तान के नेताओं से बात की थी. लेकिन जिन नेताओं से बातचीत का ट्रंप ने ज़िक्र किया, उनमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ की बजाय उन्होंने फील्ड मार्शल सैयद असीम मुनीर का नाम लिया.

वो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख़बरें जो दिनभर सुर्खियां बनीं.

ट्रंप ने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन ज़ायद और तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप अर्दोआन का उल्लेख उनके आधिकारिक पदों के साथ किया लेकिन पाकिस्तान की ओर से उन्होंने फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर का नाम लिखा.

प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ का नाम न होना इसलिए भी ध्यान खींचता है क्योंकि आसिम मुनीर को पाकिस्तान का सबसे प्रभावशाली व्यक्ति माना जाता है जबकि वह निर्वाचित पद पर नहीं हैं.

हालांकि पाकिस्तान की सेना ऐतिहासिक रूप से देश की राजनीति और विदेश नीति तय करने में प्रमुख भूमिका निभाती रही है.

विश्लेषकों का कहना है कि आसिम मुनीर ने ऐसे समय में ट्रंप और उनके क़रीबी दायरे तक सीधी पहुंच बना ली है, जब पाकिस्तान अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद वर्षों तक तनावपूर्ण रहे संबंधों को फिर से सुधारने की कोशिश कर रहा है.

मुनीर ईरान से जुड़ी कूटनीति में भी एक अहम चेहरा बनकर उभरे हैं. पिछले हफ़्ते ही आसिम मुनीर तेहरान गए थे और युद्ध ख़त्म कराने में वह मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं.

तेहरान के बाद जनरल मुनीर चीन पहुँचे हैं, जहाँ पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ पहले से ही हैं. किसी अहम विदेशी दौरे में शहबाज़ शरीफ़ के साथ

📌 Kaynak

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