युद्ध, ट्रंप टैरिफ... फिर भी रफ्तार में भारतीय अर्थव्यवस्था, FY26 में 7.7% रही GDP ग्रोथ

💰 Ekonomi 📰 AajTak (HI) 🕐 2 saat önce

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की इकोनॉमी ग्रोथ शानदार रही है. भारत की अर्थव्‍यवस्‍था इस वित्तीय वर्ष के दौरान 7.7 फीसदी की रफ्तार से बढ़ी है. चौथी तिमाही में भी तेजी अच्‍छी रही है.

जनवरी से मार्च तिमाही के भारत की जीडीपी ग्रोथ का डाटा जारी हो चुका है. वित्त वर्ष 2026 के चौथी तिमाही में अनुमान से बेहतर जीडीपी आंकड़े आए हैं. सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए भारत की रियल GDP ग्रोथ 7.7% दर्ज की गई है. वहीं इस वित्तीय वर्ष की चौथी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 7.8% रहा है, जबकि पिछली तिमाही में यह ग्रोथ 8 फीसदी थी.

नेशनल स्टैटिस्टिक्स मिनिस्‍ट्री के मुताबिक, मार्च में खत्म हुए पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए सरकार को उम्मीद है कि अर्थव्यवस्था 7.7% बढ़ी है, जबकि फरवरी में इसका अनुमान 7.6% लगाया गया था.

भारत की जीडीपी के ये आंकड़े दिखाते हैं कि ग्‍लोबल अनिश्चितताओं और तमाम आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था मजबूत बनी हुई है. खासकर ऐसे समय में जब अमेरिका और ईरान जंग के कारण कच्‍चे तेल के दाम ऊंचे स्‍तर पर हैं और भारत पर अमेरिकी टैरिफ बढ़ा हुआ है.

देश की नॉमिनल GDP में 8.9% की ग्रोथ रही है. वहीं FY 2025-26 में रियल और नॉमिनल GVA में क्रमशः 7.9% और 9.1% की बढ़ोतरी रही है. एग्री और मछली पालन जैसे प्राइमरी सेक्‍टर में 3.2 फीसदी की ग्रोथ देखी गई है. साथ ही सेकेंड्री और टर्शियरी सेक्टर ने भी अर्थव्यवस्‍था का सपोर्ट किया है, जिसमें क्रमश: 8.8% और 9.3% की बढ़ोतरी आई है.

वित्त वर्ष 2025-26 में रियल जीडीपी या जीडीपी 323.12 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई है, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में संसोधित जीडीपी 299.89 लाख करोड़ रुपये थी. वहीं नॉमिनल जीडीपी 346.36 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान यह 318.07 लाख करोड़ रुपये था.

इन सेक्‍टर में डबल डिजिट में ग्रोथ वित्त वर्ष 2025-26 में मैन्युफैक्चरिंग, व्यापार, मरम्मत, होटल, ट्रांसपोर्ट, कम्युनिकेशन और ब्रॉडकास्टिंग व स्टोरेज से जुड़ी सेवाएं और फाइनेंशियल, रियल एस्टेट और प्रोफेशनल सेवाएं सेक्टर में कॉन्स्टेंट और करंट, दोनों तरह की कीमतों पर दोहरे अंकों की ग्रोथ दर्ज की गई है. खर्च के नजरिए से देखें तो, वित्त वर्ष 2025-26 में प्राइवेट फाइनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PFCE) और ग्रॉस फिक्स्ड कैपिटल फॉर्मेशन (GFCF), दोनों में 7.5% से ज़्यादा की ग्रोथ रेट देखी गई है.

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह नए साल और तिमाही जीडीपी अनुमान 27 फरवरी, 2026 को जारी की गई नई सीरीज के आधार पर तैयार किए गए हैं, जिसमें बेस ईयर (Base Year) को बदलकर 2022-23 कर दिया गया है.

ऐसा कहा जा रहा है कि चौथी तिमाही में 7.8% की यह वृद्धि दर आने वाले समय में देश के औद्योगिक उत्पादन, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है.

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