TMC में टूट के बाद बागियों में फूट, ममता बनर्जी के लिए कितनी उम्मीद बाकी?

📌 Diğer 📰 AajTak (HI) 🕐 2 saat önce

ममता बनर्जी की राजनीति के सबसे बुरे दौर में भी उम्मीद की किरण नजर आई है. बागियों में भी फूट पड़ गई है. कुछ बागी विधायक अब भी ममता बनर्जी को ही अपना नेता मानते हैं. कोई और उन्हें स्वीकार नहीं है. लेकिन, खुशी को गम में बदलते देर नहीं लगती - क्योंकि अब सांसद भी कतार में हैं.

ममता बनर्जी की राजनीति में कभी खुशी कभी गम जैसी स्थिति देखने को मिल रही है. लेकिन फर्क यह है कि थोड़ी खुशी ज्यादा गम जैसा मामला हो चुका है. विधायकों की बगावत के बाद अब सांसदों के भी वैसा ही रुख अपनाने की चर्चा जोरों पर है. ताजा चर्चा यह है कि तृणमूल कांग्रेस के 23 सांसद बागी गुट के संपर्क में हैं. तृणमूल कांग्रेस के पास 28 लोकसभा सांसद हैं.

विधायकों ने अभी अलग गुट ही बनाया है, 20 सांसदों के तो बीजेपी में शामिल होने की भी चर्चा हो चुकी है. टीएमसी के बागी गुट का नेतृत्व कर रहे ऋतब्रत बनर्जी ने अपने बयान से और सस्पेंस बढ़ा दिया है. ऋतब्रत बनर्जी ने कहा तो बस इतना ही है, 'थोड़ा धैर्य रखिए, बहुत कुछ हो सकता है,' लेकिन उसे 'थोड़ा बोला, ज्यादा समझा' वाले अंदाज में लिया जा रहा है.

यह खबर भी आ चुकी है कि बागी गुट में भी फूट पड़ गई है. पांचला के टीएमसी विधायक गुलशन मलिक ने बागी गुट के नेता के इरादे पर सवाल उठा दिया है. गुलशन मलिक भी उसी गुट में शामिल हैं जिसका नेतृत्व ऋतब्रत बनर्जी कर रहे हैं. गुलशन मलिक का कहना है कि ममता बनर्जी सिर्फ मार्गदर्शक मानने वाले गुट में तो वो नहीं रहने वाले हैं. गुलशन मलिक का दावा है कि बागी गुट में उनकी जैसी सोच वाले और भी विधायक हैं.

विधायकों के बाद सांसदों की बगावत की चर्चा के बीच ममता बनर्जी ने कोलकाता में कालीघाट स्थित अपने आवास पर विशेष बैठक बुलाई है. ममता बनर्जी की बैठक में तृणमूल कांग्रेस के तकरीबन सभी बड़े नेताओं को बुलाया गया है. स्पीकर के बागी विधायकों के नेता ऋतब्रत बनर्जी को 58 विधायकों के समर्थन वाले विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता दिए जाने के बाद ममता बनर्जी की तरफ से बुलाई गई यह पहली बैठक है.

असल में, ऋतब्रत बनर्जी से तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों के बीजेपी में शामिल होने के कयासों पर सवाल पूछा गया था. जवाब में ऋतब्रत बनर्जी ने कहा था कि पिछले सात दिन से उनकी किसी भी सांसद से कोई बात नहीं हुई है. ऋतब्रत बनर्जी ने आगे कहा, इसलिए यह नहीं कह सकता कि सांसद क्या कदम उठाएंगे.

लेकिन, उसके ठीक बाद ऋतब्रत बनर्जी ने अपनी बातों से सस्पेंस बढ़ा दिया. बोले, वर्तमान में जीता हूं. कल क्या होगा, यह कोई नहीं कह सकता.

इस बीच सूत्रों के हवाले से आई खबर के अनुसार, टीएमसी के 23 सांसद भी बागी गुट के साथ जा सकते हैं. ये सांसद भी विधायकों की तरह अलग गुट बना सकते हैं. बताते हैं कि सांसद भी विधायकों की तरह तृणमूल कांग्रेस महासचिव अभिषेक बनर्जी से ही ज्यादा नाराज हैं.

लोकसभा में टीएमसी के 28 और राज्यसभा में 13 सांसद हैं. अगर राज्यसभा के सांसदों ने भी विधायकों और लोकसभा सांसदों की राह पकड़ी तो अलग गुट के रूप में मान्यता पाने के लिए 9 सांसदों की जरूरत होगी.

बागियों के नए नवेले नेता बने ऋतब्रत बनर्जी के सामने भी अपने गुट के विधायकों को एकजुट रखने की चुनौती खड़ी हो गई है. मालूम हुआ है कि विधायकों को अभिषेक बनर्जी के विरोध और तृणमूल कांग्रेस की संस्थापक ममता बनर्जी के प्रति वफादारी के बीच फर्क दिखाकर बगावत के लिए राजी किया गया था, लेकिन अब क

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