चेहरे पर डाली बोरी, फिर बेल्ट से घोंटा गला...शुभम हत्याकांड का खुलासा

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यूपी के बिजनौर में लापता शुभम की बेल्ट से गला दबाकर हत्या कर दी गई. पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर कब्रिस्तान के पास नहर किनारे से शव और मृतक का आधार कार्ड बरामद किया. अवैध संबंधों के शक और सामाजिक बदनामी के चलते वारदात को अंजाम दिया गया.

यूपी के बिजनौर में एक युवक की गुमशुदगी का मामला सनसनीखेज हत्याकांड में बदल गया. पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि गांव के ही कुछ लोगों ने अवैध संबंधों के शक और सामाजिक बदनामी से नाराज होकर युवक की सुनियोजित तरीके से हत्या कर दी. हत्या के बाद शव को गांव के कब्रिस्तान के पीछे नहर किनारे फेंक दिया गया और पहचान छिपाने के लिए उसका आधार कार्ड भी अलग स्थान पर छिपा दिया गया. पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है.

पूरा मामला जिले के धामपुर क्षेत्र के गांव पाडली मांडू का है. ओमप्रकाश सैनी ने 2 जून को अपने पुत्र शुभम सैनी के लापता होने की सूचना पुलिस को दी थी. उन्होंने बताया था कि शुभम घर से निकला था लेकिन वापस नहीं लौटा. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू कर दी.

पुलिस ने शुभम की तलाश के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले और कई संदिग्ध लोगों से पूछताछ की. इसी दौरान मामले में नए तथ्य सामने आए, जिसके बाद परिजनों ने गांव के ही कुछ लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी.

जांच के दौरान 3 जून को शुभम के पिता ओमप्रकाश सैनी ने गांव के निवासी विरेन्द्र सिंह, उसके पुत्र अंकुश और गौरव के खिलाफ अपने बेटे की हत्या करने का आरोप लगाया. तहरीर के आधार पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर मामले की गहन जांच शुरू कर दी.

पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों अंकुश और गौरव ने चौंकाने वाले खुलासे किए. आरोपियों ने बताया कि शुभम का उनके परिवार के एक सदस्य के घर आना-जाना था. इसी दौरान उन्हें शक हुआ कि शुभम के परिवार की एक महिला से प्रेम संबंध हैं.

इस बात को लेकर गांव में लगातार चर्चाएं हो रही थीं, जिससे आरोपी परिवार खुद को अपमानित महसूस कर रहा था. पुलिस के अनुसार 22 मई को भी इसी मुद्दे को लेकर शुभम और आरोपियों के बीच विवाद हुआ था. उस समय दोनों पक्षों के परिजनों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत करा दिया था, लेकिन आरोपियों के मन में नाराजगी और बदले की भावना बनी रही.

पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने शुभम को रास्ते से हटाने की योजना पहले ही बना ली थी. पूछताछ में उन्होंने बताया कि 31 मई की सुबह जब शुभम शौच के लिए गांव के बाहर गया, तब उन्होंने उसे घेर लिया.

आरोपियों ने पहले उसके चेहरे पर प्लास्टिक की बोरी डाल दी ताकि वह शोर न मचा सके. इसके बाद बेल्ट से उसका गला कसकर दबा दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई.

हत्या के बाद आरोपी शव को गांव के कब्रिस्तान के पीछे स्थित नहर के पास ले गए और वहां फेंक दिया. पुलिस को गुमराह करने और मृतक की पहचान छिपाने के उद्देश्य से उन्होंने शुभम का आधार कार्ड निकाल लिया और उसे अलग स्थान पर छिपा दिया.

थाना धामपुर पुलिस ने 4 जून को कार्रवाई करते हुए आरोपी अंकुश पुत्र विरेन्द्र सिंह और गौरव पुत्र चंद्रपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर शुभम का शव और उसका आधार कार्ड बरामद कर लिया गया. पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल बिजनौर भेज दिया है. मामले में फरार तीसरे आरो

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