ईरान के राजदूत ने भारत के लोगों के प्रति आभार जताया, जानिए क्या कहा
मोहम्मद फ़तहाली ने कहा कि भारत के लोग आगे आए और हमारे साथ हमारा दुख बांटा.
यमन के हूती आंदोलन के नेता अब्दुल मलिक अल-हूती ने कहा है कि उनका संगठन क्षेत्र में जारी तनाव के बीच संघर्ष के किसी भी स्तर का सामना करने के लिए तैयार है.
अब्दुल मलिक अल-हूती ने यह बात हूती समर्थित टीवी चैनल अल-मसीरा पर प्रसारित एक संबोधन में कही.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक, उन्होंने कहा कि लेबनान, ग़ज़ा और अमेरिका की गतिविधियों को लेकर वह 'एक्सिस ऑफ़ रेज़िस्टेंस' के साथ ताल-मेल बनाए हुए हैं. यह शब्द आमतौर पर क्षेत्र में ईरान समर्थित सशस्त्र समूहों के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
हूती नेता ने आरोप लगाया, ''दुश्मन ऐसी योजनाओं के तहत काम कर रहा है, जिनका उद्देश्य तथाकथित "ग्रेटर इसराइल" की स्थापना और मध्य पूर्व के भू-राजनीतिक स्वरूप को बदलना है.''
उन्होंने दावा किया कि यह ख़तरा इस्लाम के सभी पवित्र स्थलों तक फैला हुआ है, जिनमें सऊदी अरब के मक्का और मदीना में स्थित धार्मिक स्थल भी शामिल हैं.
अब्दुल मलिक अल-हूती ने क्षेत्र के सभी पक्षों और ताकतों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे इसराइल की ओर से किसी युद्ध में शामिल न हों, अगर वो ऐसा करते हैं तो उन्हें गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका हूतियों को एक बड़ी जंग में धकेलने की कोशिश कर रहा है, जो इसराइल के हितों को पूरा करेगा.
हालांकि, अपने संबोधन में उन्होंने बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट को बंद करने या लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने को लेकर कोई प्रत्यक्ष धमकी नहीं दी.
इससे पहले भी हूती अधिकारियों ने लेबनान से जुड़े घटनाक्रमों के कारण तनाव बढ़ने की आशंका जताई थी.
वहीं, समूह के नेता ने चेतावनी दी थी कि यदि अमेरिका और इसराइल का ईरान के साथ संघर्ष फिर से शुरू होता है, तो क्षेत्र में हिंसा और टकराव का स्तर बढ़ सकता है.
📌 Kaynak
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