बागियों के आगे नहीं झुकीं ममता, अभिषेक बनर्जी का पद कायम
पार्टी की बैठक में TMC ने पार्टी के बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी को बंगाल विधानसभा के स्पीकर द्वारा नेता प्रतिपक्ष का दर्जा दिए जाने के खिलाफ हाई कोर्ट जाने का फैसला लिया है. टीएमसी इस फैसले को कलकत्ता हाई कोर्ट में चुनौती देगी.
तृणमूल कांग्रेस की अहम बैठक में ममता बनर्जी ने एक बार फिर से अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व पर भरोसा जताया है. बागी विधायकों के विरोध के बावजूद ममता ने अभिषेक बनर्जी को तृणमूल कांग्रेस (TMC) का राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया है. ममता बनर्जी टीएमसी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनी रहेगीं. इसके अलावा TMC ने पार्टी के बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी को बंगाल विधानसभा के स्पीकर द्वारा नेता प्रतिपक्ष का दर्जा दिए जाने के खिलाफ हाई कोर्ट जाने का फैसला लिया है. टीएमसी इस फैसले को कलकत्ता हाई कोर्ट में चुनौती देगी.
शुक्रवार शाम को तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर एक बैठक हुई, जिसमें बहुत कम नेताओं को बुलाया गया था. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी को कई राजनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे माहौल में इस मीटिंग पर सबकी नजरें थीं.
ममता बनर्जी के आवास पर पहुंचने वालों में पूर्व विधायक चंद्रिमा भट्टाचार्य, राज्यसभा सांसद डोला सेन, स्वरूपनगर की विधायक बीना मंडल, लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी, पूर्व मंत्री राजीव बनर्जी थे.
TMC के कई बागियों ने अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ खुली आपत्ति जताई थी. ऐसे में लोग ये जानना चाह रहे थे कि क्या ममता अभिषेक के खिलाफ कोई एक्शन लेती हैं?
इससे पहले TMC ने बुधवार को पार्टी की सभी कमेटियां और फ्रंटल संगठनों को भंग कर दिया था. शुक्रवार की बैठक में पार्टी की सभी कमेटियों का पुनर्गठन किया गया.
इसके तहत अभिषेक बनर्जी को पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया गया है, अभिषेक पहले भी इसी पद पर थे. टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रॉयन और डोला सेना को संयुक्त सचिव बनाया गया है. ये दोनों नेता अभिषेक बनर्जी की मदद करेंगे.
विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी का चर्चित चेहरा रहने वाली सयानी घोष को टीएमसी यूथ विंग का अध्यक्ष बनाया गया है. वे पहले भी इस पद पर थीं.
माला रॉय को महिला टीएमसी का अध्यक्ष बनाया गया है. चंद्रिमा भट्टाचार्य को पश्चिम बंगाल टीएमसी का अध्यक्ष बनाया गया है.
टीएमसी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में TMC के बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में नियुक्त किए जाने के स्पीकर के फैसले का विरोध किया है. पार्टी नेता कल्याण बनर्जी ने कहा कि स्पीकर का ये फैसला अवैध है और इसे हम स्वीकार नहीं करते, इस फैसले के खिलाफ हम सोमवार को कलकत्ता हाई कोर्ट जाएंगे.
उन्होंने यह भी कहा, "बीजेपी जिस तरह से टीएमसी कार्यकर्ताओं की हत्या कर रही है और उन पर झूठे केस दर्ज कर रही है, हम उसके खिलाफ लड़ेंगे. हम सड़कों पर लड़ेंगे, हम कोर्ट में लड़ेंगे."
कल्याण बनर्जी ने कहा कि, 'उन 59 विधायकों को पहले लोगों के पास जाकर उनसे इजाज़त लेनी चाहिए. ममता बनर्जी ही मुख्य व्यक्ति हैं. उन विधायकों की कोई अहमियत नहीं है. मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि वे अपने चुनाव क्षेत्र में जाएं, कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करें और उनसे इजाज़त लें कि ममता बनर्जी उनकी नेता नहीं हैं. मैं उन्हें चुनौती देता हूं.'
📌 Kaynak
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