पति-ससुर की लीगल धमकियों से बेपरवाह सेलिना! बोलीं- खतरे में बच्चे
सेलिना जेटली ने सोशल मीडिया पर लंबा पोस्ट शेयर कर पति और ससुर पर गंभीर आरोप लगाए हैं. एक्ट्रेस का दावा है कि उन्हें बच्चों से दूर रखा जा रहा है.
बॉलीवुड एक्ट्रेस सेलिना जेटली इन दिनों अपने तलाक और बच्चों की कस्टडी को लेकर चल रहे कानूनी विवाद को लेकर चर्चा में हैं. हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट शेयर कर अपने अलग रह रहे पति पीटर हाग और उनके पिता डीआई वोल्फगैंग हाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
सेलिना ने दावा किया कि उन्हें हाल ही में दो कानूनी नोटिस भेजे गए हैं, जिनमें उनके खिलाफ मानहानि का केस करने की चेतावनी दी गई है. हालांकि, एक्ट्रेस का कहना है कि उनके वकीलों ने इन नोटिसों का जवाब दे दिया है.
सेलिना ने अपने पोस्ट में लिखा कि उनकी नजर में ये कानूनी नोटिस असली मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश हैं. उनका कहना है कि उन्होंने पहले ही पुलिस शिकायतें, हिंसा से जुड़े आरोप और अन्य सबूत संबंधित अधिकारियों और अदालतों के सामने पेश कर दिए हैं. एक्ट्रेस ने कहा कि अपनी आपबीती साझा करना और कानून के दायरे में रहकर इंसाफ की मांग करना किसी भी तरह से मानहानि नहीं है.
सेलिना ने आरोप लगाया कि सालों तक उनके परिवार को मीडिया और पब्लिसिटी का हिस्सा बनाया गया. मैगजीन कवर, इंटरव्यू और फैमिली फोटोशूट्स में उन्हें और बच्चों को शामिल किया गया, लेकिन अब जब वो अपने अनुभवों और कानूनी लड़ाई के बारे में खुलकर बात कर रही हैं तो उन्हें कानूनी नोटिस भेजे जा रहे हैं.
अपने पोस्ट में सेलिना ने सबसे ज्यादा दर्द बच्चों से दूर होने को लेकर जाहिर किया. उन्होंने कहा कि वो अपने बच्चों की मां हैं और उन्हीं के लिए ये लड़ाई लड़ रही हैं. एक्ट्रेस का दावा है कि उन्होंने हमेशा आपसी सहमति से तलाक और बच्चों की जॉइंट कस्टडी का समर्थन किया है. इसके बावजूद अदालत के आदेशों के बाद भी उन्हें बच्चों से दूर रखा जा रहा है और उनसे बात तक नहीं करने दी जा रही.
सेलिना ने आरोप लगाया कि उनके बच्चों के साथ उनके रिश्ते को कमजोर करने और उन्हें एक मां के अधिकारों से दूर करने की लगातार कोशिशें की जा रही हैं.
सेलिना ने बताया कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी बात इसलिए रखी क्योंकि उन्हें डर था कि बच्चों को उनके मौजूदा घर से कहीं और ले जाया जा सकता है. उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें चिंता थी कि बच्चों को उनकी जानकारी या सहमति के बिना ऑस्ट्रिया और भारत की अदालतों के अधिकार क्षेत्र से बाहर ले जाया जा सकता है.
सेलिना के मुताबिक, जॉइंट कस्टडी रखने वाली मां होने के नाते इन सवालों को उठाना उनका अधिकार और जिम्मेदारी दोनों है.
अपने पोस्ट में सेलिना ने ये भी लिखा कि उन्होंने लंबे समय तक ऑस्ट्रिया के एक गांव में रहते हुए दबाव, डराने-धमकाने और मानसिक प्रताड़ना का सामना किया. उन्होंने कहा कि उनके पास मौजूद सभी सबूत अदालतों और संबंधित अधिकारियों को सौंपे जा चुके हैं.
सेलिना ने साफ कहा कि वो कानूनी धमकियों से डरकर चुप नहीं होंगी. उनका कहना है कि वो अपने अधिकारों, बच्चों के साथ रिश्ते और न्याय के लिए कानूनी लड़ाई जारी रखेंगी. एक्ट्रेस ने लिखा कि उन्हें भारत और ऑस्ट्रिया की न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और वो सबूतों के आधार पर अपनी बात अदालत में रखती रहेंगी.
गौरतलब ह
📌 Kaynak
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