पंत की उप-कप्तानी जाने पर गंभीर ने तोड़ी चुप्पी, दिया बड़ा संदेश
अफगानिस्तान के खिलाफ मुल्लांपुर में होने जा रहे एकमात्र टेस्ट के जरिए ऋषभ पंत खुद को फिर से साबित करना चाहेंगे. अगर वह बल्ले से अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उप-कप्तानी छिनने के बाद उठे तमाम सवालों का जवाब मैदान पर ही दे सकते हैं.
अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच के लिए जब भारतीय टीम का ऐलान हुआ था, तब ऋषभ पंत की जगह केएल राहुल को उप-कप्तान बनाया गया. अब इस पूरे मामले पर टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने अपनी चुप्पी तोड़ दी है. पंत के डिमोशन के बाद कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन अब गंभीर ने इस पूरे मामले पर खुलकर बात की है.
हालांकि गौतम गंभीर ने सीधे तौर पर उप-कप्तानी छीने जाने की वजह नहीं बताई, लेकिन उनके बयान से साफ संकेत मिले कि टीम मैनेजमेंट ऋषभ पंत से मैच की परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझने की उम्मीद करता है. अफगानिस्तान के खिलाफ 6 जून से होने वाले टेस्ट से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने कहा कि किसी खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ी जिम्मेदारी भारत के लिए खेलना होती है, ना कि कप्तानी या उप-कप्तानी जैसे पद.
गौतम गंभीर ने कहा, 'भारत के लिए खेलना ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी है. बाकी सभी चीजें उसका परिणाम हैं. जब आप भारत के लिए खेलते हैं तो आप उप-कप्तान बनने के बारे में नहीं सोचते, बल्कि टीम के लिए अच्छा करने के बारे में सोचते हैं. आखिरकार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में हर किसी का मूल्यांकन उसके प्रदर्शन से होता है, चाहे वह खिलाड़ी हो, कोच हो या सपोर्ट स्टाफ.' गंभीर ने यह भी स्पष्ट किया कि टीम मैनेजमेंट ऋषभ पंत के स्वाभाविक खेल में कोई बदलाव नहीं चाहता.
उन्होंने कहा, 'हम यह नहीं चाहते कि ऋषभ अपने खेल को बदलें. लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मैच की स्थिति को पढ़ना बेहद जरूरी होता है. टीम किस परिस्थिति में है, उस समय क्या जरूरत है और कौन सा शॉट खेलना चाहिए, यह समझना बहुत महत्वपूर्ण है, इसका मतलब यह नहीं है कि किसी खिलाड़ी को उसकी स्वाभाविक शैली से अलग खेलने के लिए कहा गया है.'
IPL में ना बल्ला चला, ना कप्तानी... दरअसल, साउथ अफ्रीका के खिलाफ पिछली टेस्ट सीरीज में ऋषभ पंत की बल्लेबाजी को लेकर सवाल उठे थे. खासकर गुवाहाटी टेस्ट में उन्होंने खराब शॉट खेलकर अपना विकेट गंवा दिया था, जिसके बाद उनकी काफी आलोचना हुई थी. इसके बाद IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) 2026 में भी पंत का प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा.
लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के कप्तान के तौर पर उनका सीजन निराशाजनक रहा और इसी दौरान टेस्ट उप-कप्तानी उनसे छीनकर केएल राहुल को सौंप दी गई. हालांकि टीम इंडिया के असिस्टेंट कोच रयान टेन डोशेट ने साफ किया कि इस फैसले को लेकर पंत की ओर से कोई नाराजगी नहीं है.यह भी पढ़ें: वैभव सूर्यवंशी की सादगी ने जीता दिल... श्रीलंका में खुद ट्रॉली ठेलते दिखे 'बेबी बॉस’, VIDEO
रयान टेन डोशेट ने कहा, 'लीडर बनने के लिए किसी औपचारिक पद की जरूरत नहीं होती. ऋषभ इसे अच्छी तरह समझते हैं. वह टीम के वरिष्ठ खिलाड़ियों में से एक हैं और रोल मॉडल की भूमिका निभा रहे हैं.' रयान टेन डोशेट ने यह भी कहा कि टीम मैनेजमेंट चाहता है कि पंत अपनी आक्रामक बल्लेबाजी बरकरार रखें, लेकिन कुछ मौकों पर मैच की मांग के अनुसार अपने खेल में थोड़ा बदलाव करें.यह भी पढ़ें: अस्त हुआ 'सूर्या युग'... श्रेयस के सिर सजा ताज, अब सूर्यवंशी
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