26 करोड़ का ओवरब्रिज 96 घंटे भी नहीं टिका, धंसने के बाद ट्रैफिक बंद
बक्सर के इटाढ़ी गुमटी रेलवे क्रॉसिंग पर 26 करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से बना रोड ओवरब्रिज उद्घाटन के महज 96 घंटे बाद ही क्षतिग्रस्त हो गया. पाया नंबर 5 के पास ऊपरी परत धंसने के बाद प्रशासन ने यातायात को रोक दिया. घटना के बाद स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार और घटिया गुणवत्ता के आरोप लगाए हैं.
बिहार के बक्सर जिले में इटाढ़ी गुमटी रेलवे क्रॉसिंग पर बना रोड ओवरब्रिज उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद विवादों में आ गया है. करीब 26 करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से तैयार यह ओवरब्रिज उद्घाटन के महज 96 घंटे बाद ही क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके बाद प्रशासन ने एहतियातन इस पर आवागमन रोक दिया है. घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं.
बताया जा रहा है कि कई वर्षों के इंतजार के बाद यह रोड ओवरब्रिज आम जनता के लिए खोला गया था. स्थानीय लोगों के अनुसार यह परियोजना करीब 11 साल से लंबित थी और इसके पूरा होने का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था. लेकिन उद्घाटन के चार दिन बाद ही पुल के एक हिस्से में समस्या सामने आने से लोगों की उम्मीदों को झटका लगा है.
जानकारी के अनुसार ओवरब्रिज के पाया नंबर 5 के पास ऊपरी परत धंस गई. जैसे ही इसकी जानकारी प्रशासन को मिली, पुल पर आवागमन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया. अधिकारियों ने मरम्मत कार्य के लिए पुल को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है ताकि किसी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके.
पुल बंद होने के बाद स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं. लोगों का कहना है कि जिस पुल के निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, वह उद्घाटन के कुछ दिनों बाद ही क्षतिग्रस्त हो गया. उनका आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया, जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई.
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बिहार में पुलों और अन्य निर्माण परियोजनाओं को लेकर पहले भी कई सवाल उठते रहे हैं. ऐसे में इस ओवरब्रिज का कुछ ही दिनों में क्षतिग्रस्त हो जाना लोगों की चिंताओं को और बढ़ा रहा है. लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
स्थानीय पत्रकारों ने भी इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि जिस पुल का लोग वर्षों से इंतजार कर रहे थे, वह 96 घंटे भी नहीं टिक सका. उनका कहना है कि यह घटना निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है.
ओवरब्रिज के क्षतिग्रस्त होने के बाद अब प्रशासन की भूमिका पर भी चर्चा हो रही है. लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य का सही तरीके से निरीक्षण किया गया होता तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता था. फिलहाल पुल पर यातायात पूरी तरह बंद है और मरम्मत का कार्य किए जाने की बात कही जा रही है.
बहरहाल, इटाढ़ी गुमटी रोड ओवरब्रिज का उद्घाटन होने के कुछ ही दिनों बाद उसका क्षतिग्रस्त होना चर्चा का विषय बन गया है. करोड़ों रुपये की लागत से बने इस पुल की स्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. अब लोगों की नजर इस बात पर है कि मरम्मत कार्य कब पूरा होगा और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है.
📌 Kaynak
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