ब्रेनवॉश या खुद चुना इस्लाम? शामली के आयुष उर्फ मोहम्मद का कबूलनामा
शामली के आयुष मलिक ने 'आजतक' से बातचीत में बताया कि उसने बिना किसी दबाव के खुद इस्लाम अपनाकर नाम मोहम्मद अली रखा है. वह चोट के दौरान फिजियोथेरेपिस्ट चांदनी के संपर्क में आया और यूट्यूब पर पाकिस्तानी मौलाना डॉक्टर इसरार अहमद के वीडियो तथा इस्लामिक शिक्षाओं से प्रभावित होकर यह फैसला लिया.
शामली के रहने वाले आयुष मलिक ने सार्वजनिक रूप से इस्लाम धर्म अपनाने की पुष्टि की है और अब वह मोहम्मद अली के नाम से पहचाने जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय पूरी तरह से उनकी व्यक्तिगत पसंद है और इस पर किसी भी प्रकार का बाहरी दबाव नहीं था। आयुष के अनुसार, एक फिजियोथेरेपिस्ट के संपर्क में आने के बाद उनकी रुचि इस विषय में बढ़ी। इसके बाद उन्होंने इंटरनेट पर पाकिस्तानी विद्वान डॉक्टर इसरार अहमद के प्रवचन सुने और इस्लामिक सिद्धांतों का गहन अध्ययन किया। इन शिक्षाओं से प्रभावित होकर उन्होंने स्वेच्छा से अपना धर्म परिवर्तन करने का फैसला लिया।
यह मामला व्यक्तिगत धार्मिक स्वतंत्रता और सूचना के स्रोतों से प्रभावित होकर लिए गए जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों के प्रति बढ़ती जिज्ञासा को दर्शाता है।
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