खुद ममता ने इंडिया गठबंधन को गर्त में धकेला ? नीतीश को संयोजक बनने से रोका
जब इंडिया गठबंधन बन रहा था तब ममता बनर्जी ने नीतीश कुमार को संयोजक बनने से रोक दिया था, जिससे नीतीश काफी नाराज हुए. उनकी नाराजगी के कारण ही उन्होंने गठबंधन से अलग होने का निर्णय लिया. इसके बाद राहुल गांधी ने इंडिया गठबंधन को मजबूत करने की कोशिश की, लेकिन ममता ने किसी की नहीं सुनी. 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस को एक भी सीट देने से इनकार कर दिया. कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी की हार सुनिश्चित करने के लिए क्रिकेटर युसूफ पठान को मैदान में उतारा गया.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और इंडिया गठबंधन के बीच बढ़ती दूरियों के पीछे नीतीश कुमार को संयोजक पद न मिलना एक बड़ा कारण माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी द्वारा नीतीश कुमार की दावेदारी का विरोध किए जाने से वे काफी आहत थे, जिसके चलते उन्होंने अंततः गठबंधन से नाता तोड़ लिया। इसके बाद भी गठबंधन में आंतरिक खींचतान कम नहीं हुई और ममता बनर्जी ने कांग्रेस के साथ सीटों के तालमेल से साफ इनकार कर दिया। लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी को चुनौती देने के लिए युसूफ पठान को चुनावी मैदान में उतारकर अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी थी। राहुल गांधी के तमाम प्रयासों के बावजूद ममता बनर्जी ने गठबंधन के अन्य सहयोगियों की अनदेखी करते हुए स्वतंत्र रुख अपनाए रखा।
यह घटनाक्रम विपक्षी गठबंधन की एकजुटता में आई दरारों और क्षेत्रीय क्षत्रपों के बढ़ते प्रभाव को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
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