'मैं मोहम्मद अली हूं', आयुष मलिक की जुबानी, धर्मांतरण की पूरी कहानी
शामली धर्मांतरण केस में पहली बार आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. उसने बताया कि कैसे फिजियोथेरेपिस्ट चांदनी से उसकी मुलाकात हुई, कैसे वह इस्लामिक वीडियो सुनने लगा और क्यों उसने खुद को मोहम्मद अली के रूप में स्वीकार किया.
शामली धर्मांतरण मामले में आरोपी आयुष मलिक ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखी है। उसने खुलासा किया कि फिजियोथेरेपिस्ट चांदनी के संपर्क में आने के बाद उसके विचारों में बदलाव आना शुरू हुआ। आयुष के अनुसार, इस दौरान उसने इंटरनेट पर इस्लामिक वीडियो देखना शुरू किया, जिसने धीरे-धीरे उसकी सोच को प्रभावित किया। इसी प्रक्रिया के चलते उसने स्वेच्छा से अपना नाम बदलकर मोहम्मद अली रख लिया था। अब वह इस पूरी घटनाक्रम के पीछे के कारणों और अपनी मानसिक स्थिति पर खुलकर चर्चा कर रहा है।
यह मामला धर्मांतरण के संवेदनशील मुद्दे और उसके पीछे की व्यक्तिगत प्रेरणाओं को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
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